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मैं भी गुट का, तू भी गुट का हम सब गुट के, गुट भी गुट का ये भी गुट का, वो भी गुट का गुट का गुट है, गुट है गुट का.
मैं भी, तू भी, ये भी, वो भी, हम हैं गुट के. हम सब गुट के, गुट है गुट का.
गुट के गुट ने ये ठान लिया जो नींद में है वो जागेगा हर ख्वाब को हक़ से मांगेगा जो निपट अकेला चलता था अब बन जाए वो भी गुट का हम सब गुट के, गुट है गुट का.
तू आम सही आवाम तो है कल का ही सही पैगाम तो है पर नशे में देश जो लूट रहे बन जाता उनका जाम तू है अब छलक निकल जा बोतल से तू तोड़ कांच, शीशा चटका अब जाम नहीं अंजाम तू बन ले पहन ले जामा इस गुट का
साईकिल का ब्रेक भी है गुटका हाथों का टेक भी है गुटका है कमल के खाते पर गुटका हाथी के माथे पर गुटका हर चरखे का बाना गुटका हर ऐनक का ताना गुटका गुटके की खडाऊं खट खट है लाठी है हर स्याना गुट का.
हर पेड़ का पूरा धड़ गुटका मिट्टी के नीचे जड़ गुटका गर गुटके को तुम काटोगे तो सर पे गिरेगा तड़ गुटका
हनुमान चालीसा भी गुटका ख़ालसा खलीफा भी गुटका है धम्मम शरणं भी गुटका है महावीर चरणम गुटका विष्णु का है चक्का गुटका मुस्लिम का है मक्का गुटका ईसा की है शय्या गुटका मानवता है भैया गुटका
कभी मुँह से बोली ना फूटे कभी गुटका गोली बन छूटे कभी फूटी कौड़ी था गुटका अब जज की हथौड़ी है गुटका
हर butcher की है फ़रसी गुटका हर नेता की कुर्सी गुटका ये जिंदा माँस काटती, वो जनता की आस काटती है अब handle को तोड़े गुटका दोनो को झकझोरे गुटका
मैं भी गुट का, तू भी गुट का हम सब गुट के, गुट भी गुट का गुटके की फटाफट लाइन दो बोलो झट से हो लो गुट का
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